कादंबिनी क्लब, हैदराबाद की मासिक बैठक संपन्न

कादंबिनी क्लब, हैदराबाद की मासिक बैठक हर महीने तीसरे रविवार को होती ही है। आज भी हुई। पहले सत्र में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पर विस्तृत चर्चा के साथ ही उनकी रचनाओं का वाचन किया गया। संयोजन प्रवीण प्रणव ने अपने सम्मोहक स्टाइल में किया। अध्यक्षता प्रो ऋषभदेव शर्मा के जिम्मे आई! दूसरे सत्र में रवि […]

0Shares
Continue Reading

बिटिया: अँगुरी पकरि जेका अँगना धराये पग,भरि अँकवरिया बेहाल मोरी धेरिया।बाबा के नेहिया सनेहिया सपन होइगा,सून होइगा बखरी दुआर मोरी धेरिया। घर कै दुलारी, भइया संग फुलवारी खेलिव,खेलिव गुड्डा गुड़ुई, सेवान मोरी धेरिया।साँझ रे सकारे चउरा तुलसी के दिया बारे,बारे जोती मन के मकान मोरी धेरिया। घर परिवार बंस सगरौ असूझ लागै,लागै विद्या बिनु अन्हियार […]

0Shares
Continue Reading

एक छोटी सी कहानी

-ओंकार नाथ “रेनू की शादी हुयें, पाँच साल हो गयें थें, उसके पति थोड़ा कम बोलतें थे पर बड़े सुशील और संस्कारी थें, माता_पिता जैंसे सास, ससुर और एक छोटी सी नंनद, और एक नन्ही सी परी, भरा पूरा परिवार था, दिन खुशी से बित रहा था, आज रेनू बीतें दिनों को लेकर बैठी थी, […]

0Shares
Continue Reading

जवानी की दहलीज पर बहके कदम

-कुलीना कुमारी/कहानी जवानी की एक गलती या एक गलत कदम किसी इंसान को कितने गर्त में धकेल देते है ये आज मोना को लग रहा था। आज उसे ना चाहते हुए भी मज़बूरी में अपने घर के पास वाले पुलिस स्टेशन में जाना पड़ रहा था, जो कि बमुश्किल 300 कदम पर ही था पर […]

0Shares
Continue Reading

प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता

–ममता कालियामेरे हाथ में विजया बुक्स से प्रकाशित,कुमार अनुपम द्वारा संपादित और संकलित पुस्तक है”प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता”यह पंक्ति सीधे हमें चंद्रकांत देवताले से जोड़ती है जिनकी यह कविता इस संकलन में है। स्त्री सत्ता की सर्वव्यापी धमक और चमक के बीच इस पुस्तक का पटल पर आना संतुलित सोच का द्वार खोलता […]

0Shares
Continue Reading

“हिन्दी किताबें कौन खरीदता है” ये पिछली आधी सदी का सबसे बड़ा झूठ और अफ़वाह है!!

-गंगा शरण सिंह ◆◆ हिन्दी में लिखकर जीवन के कई दशकों तक पुरस्कार और विदेश यात्राओं का आनन्द उठाने वाले लेखकों के इस जुगाड़ में विघ्न आ जाय तो हिन्दी कूड़े कचरे वाली भाषा हो जाती है।ऐसे उच्चकोटि के विद्वानों को क्या उनके मित्र साहसपूर्वक ये नहीं बता सकते कि हिन्दी में सबसे ज़्यादा कूड़ा […]

0Shares
Continue Reading

तसलीमा नसरीन और ईद

तसलीमा नसरीन और ईद ⋅ ईद की सुबह स्‍नानघर में घर के सभी लोगो ने बारी-बारी से कोस्‍को साबुन लगा‍कर ठण्डे पानी से गुस्‍ल किया। मुझे नए कपड़े -जूते पहनाए गए, लाल रिबन से बाल से बाल संवारे गए, मेरे बदन पर इत्र लगाकर कान में इत्र का फाहा ठूंस दिया गया। घर के लड़कों […]

0Shares
Continue Reading

केसर की घाटी में सबकुछ अच्छा लिखना होगा…

अच्छा लिखना होगा…? केसर की घाटी में सब कुछ अच्छा लिखना होगा।बन्दूकों को ही किताब का बस्ता लिखना होगा। आँसू को आँसू लिखना अपराध द्रोह जैसा है,आँसू को भी अब खुशियों की गंगा लिखना होगा। आना जाना ना मुमकिन है बात नहीं हो सकती,वो जो कहें उसी को सच का चिठ्ठा लिखना होगा। मजनू, राँझा […]

0Shares
Continue Reading

अलमस्त फकीर : अमीर खुसरो

तीर , तलवार , दरबार , सरकार से हटकर भी एक ऐसी दुनिया है इस जहांन में जहा सिर्फ हर ओर एक नगमा है प्यार का हर सांसो का एक एहसास है , एक ऐसी रूहानी दुनिया जहा सिर्फ मुहब्बत है प्यार है और उस प्यार में खोने का कोई एहसास नही बस समर्पण है […]

0Shares
Continue Reading

छत्‍तीसगढ राजभाषा से सम्मानित डा० गीता शर्मा को ‘लेखक श्री’ सम्‍मान और ‘विद्यासाग’ मानद सम्‍मान

छत्तीसगढ़ ब्यूरो। शिवमहापुराण और इशादी नौ उपनिषदों जैसे उत्‍कृष्‍ट ग्रथों का छत्तीसगढी भाषा मे अनुवाद कर,भाषा को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पटल पर सम्मानित कर, उसका मान बढाने वाली डा० गीता शर्मा को ,जगदलपुर में ‘लेखकश्री’ अकादमी पुरस्‍कार से सम्मानित किया गया।उनका आलेख worldwide portal मे प्रकाशित भी हुआ है। सामाजिक विज्ञान एवं शोध संस्‍थान इलाहाबाद […]

0Shares
Continue Reading