कौशलेंद्र के पार्थिव शरीर को अग्नि के हवाले करके आया हूँ…

-पंकज चतुर्वेदी अभी कौशलेंद्र के पार्थिव शरीर को अग्नि के हवाले करके आया। दुनिया से बेखबर चादरों से ढँकी रस्सियों से जकड़ा शरीर। मगज बह कर नाक से बहने लगा था। मौत के सात घण्टे बीत गए थे लेकिन अस्पताल वाले पार्थिव शरीर दे नहीं रहे थे। बीमा कम्पनी वाले सुनिश्चित करना चाहते थे कि […]

0Shares
Continue Reading

देवदार के घने जंगल का वह भुतहा बंगला !

–अंबरीश कुमार बस से उतरे तो शाम भीगी हुई थी .सामने देवदार के दरख्तों से घिरी कोई इमारत थी .यह कोई बस अड्डा जैसी जगह भी नहीं थी .अपने को जाना डाक बंगला तक था .पर जंगल के साथ साथ जा रही सड़क सुनसान थी .इधर उधर देखा तो कुछ दूर पर एक बुजुर्ग दिखे […]

0Shares
Continue Reading

हिंदी दिवस के बहाने…

हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राजभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर […]

0Shares
Continue Reading

इश्क़, प्यार, मुहब्बत के दोहे …

–हरिकीरत हीर 1 ना मैं पानी माँगती , ना माँगूँ कुछ और ।प्यास इश्क़ की है लगी, दिल में दे दे ठौर ।। 2इश्क़ रोग छूटे नहीं , लागा कैसे राम ।देह तपे है आग सी , मरहम करे न काम ।। 3 हीर इबादत प्रेम की ,पढ़ लो तुम इक बारबिना प्रेम संसार में […]

0Shares
Continue Reading

भारत की समन्वयवादी परंपरा के नायक दारा शिकोह

#यूँहीं/अजय श्रीवास्तव ____________________________________________ #दाराशिकोह ” पर आयोजित सेमिनार में बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह डाँ.कृष्ण गोपाल ने कहा कि मुसलमान क्यों भय में हैं,क्यों डरे हुए हैं?15-16 करोड़ की संख्या होने पर भी क्यों डरे हुऐ हैं।पचास हजार की संख्या वाले पारसियों ने कभी नहीं कहा कि वे भयभीत हैं।80-90 लाख वाले बौद्ध […]

0Shares
Continue Reading

क्या लिखा था लेफ्टिनेंट जनरल हेंडरसन ब्रूक्स और ब्रिगेडियर प्रेमिंदर सिंह भगत ने अपनी रिपोर्ट में?

–अजय श्रीवास्तव भारत चीन के साथ 1962 के युद्ध में बुरी तरह पराजित हुआ था।भारतीय सेना की भूरी भूरी प्रशंसा होती है मगर 1962 के युद्ध में कुछ जगह सेना बिना आदेश के पीछे हट गई थी,ऐसा आत्मरक्षा के लिए भी किया गया होगा मगर सेना की तरफ से इसे अनुशासनहीनता माना गया और 14 […]

0Shares
Continue Reading

जब पूरा मुल्क एक “क़ातिल” को बचाना चाहता था

_____Ajay srivastav__ मैं जिस घटना का जिक्र कर रहा हूँ वो साल 1959 में घटी थी।नेवी कमांडर कवस मानेकशॉ नानावटी छुट्टी में अपने घर बांबे आता है तो उसे महसूस होता है कि उसकी प्यारी पत्नी “सेल्विया” जो उसके तीन बच्चों की माँ है उससे कटी कटी सी है।वह उसे अपनी बांहों में भर लेना […]

0Shares
Continue Reading

जब चन्द्रशेखर से टकराने की कोशिश किया जेठमलानी ने

–अजय श्रीवास्तव बात उन दिनों की है जब विश्वनाथ प्रताप सिंह और चंद्रशेखर में प्रधानमंत्री पद पाने की होड लगी थी। दोनों तरफ से लाबिंग हो रही थी,उन दिनों राम जेठमलानी साहब वीपी सिंह की तरफदारी कर रहे थे।उन्होंने चंद्रशेखर से बातचीत कर उन्हें समझाने की पुरजोर कोशिश की मगर चंद्रशेखर टस से मस नहीं […]

0Shares
Continue Reading

चांद पर पहुँचा भारत

–पंकज चतुर्वेदी चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से तक पहुंचना हमारे वैज्ञानिकों की अदभुुुत  सफलता है . एक तो विज्ञानं प्रयोग सतत चलते रहते हैं और इनका किसी सरकार के आने और जाने से कोई सम्बन्ध नहीं होता- फिर दुनिया के अधिकांश देशों में इस तरह के स्पेस साइंस के प्रयोग बेहद गोपनीय होते हैं –जब कार्य […]

0Shares
Continue Reading

दुर्गा भाभी को जानते हैं आप?

ये दुर्गा भाभी हैं वही दुर्गा भाभी जिन्होंने साण्डर्स वध के बाद राजगुरू और भगतसिंह को लाहौर से अंग्रेजो की नाक के नीचे से निकालकर कोलकत्ता ले गयी। इनके पति महान क्रन्तिकारी भगवती चरण वर्मा की पत्नी थी जब भगवती भाई का बम फटने से देहांत हो गया। तब दुर्गा भाभी ने अंग्रेजों को सबक […]

0Shares
Continue Reading