हमारे समय में दो अदभुत नाट्य आयोजनों के बहाने आजमगढ़ की सांस्कृतिक बैरोमीटर को महसूस तो करिए जनाब!

@अरविंद सिंह कल दो अदभुत दृश्य देखने को मिले। पहला दृश्य हमारे समय का, हमारे जनपद का रंग क्षेत्र का सबसे उम्मीद भरा युवा चेहरा अभिषेक पंडित और उनके सूत्रधार का रंग महोत्सव यानि फिल्म फेस्टिवल। मंच पर फिल्म ‘जेड प्लस’ के लेखक रामकुमार सिंह और रंगकर्मी अभिषेक पंडित के बीच फिल्म और संवाद लेखन […]

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प्रणीत श्रीवास्तव हनी का पोलिटिकल ‘मास्टर स्ट्रोक’ ?

@अरविंद सिंह आप इस सियासी परिघटना को कैसे देखते हैं, यह आप और आप की दृष्टि पर निर्भर करता है लेकिन मेरे जैसे लोग इसे राजनीतिक से ज्यादा कुटनीतिक और उससे भी अधिक सामयिक ज्यादा देखते कि- ‘नगर पालिका परिषद आजमगढ़ की चेयरमैन शीला श्रीवास्तव और पूर्व चेयरमैन स्व०गिरीशचंद्र श्रीवास्तव की संतान प्रणीत श्रीवास्तव हनी […]

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इतिहास पर रायता फैलाओ !

■ प्रदीप कुमार पहले इतिहासकार बनने के लिए बड़ी मगजमारी करनी पड़ती थी,  तालीमयाफ्ता होना पड़ता था, ऊंची ऊंची सनद हासिल करनी पड़ती थी लेकिन अब नई सियासत के इस डिजिटल दौर में इन सबके लिए कोई जगह नहीं , सबकी सब आउटडेटेड हो चुकी हैं । अब तो आप बस किसी तरह विधायक, सांसद […]

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लार्जर दैन लाइफ …

मधुसूदन यह महादेश ‘लार्जर दैन लाइफ ‘ नायकों का देश है। मानवता के उच्चतम आदर्शों की सबसे उर्वर धरा। राम सा राजा, भरत लक्ष्मण सा भाई, सीता सी पत्नी और वधू, हनुमान सा सेवक, कृष्ण सा नीतिज्ञ, राधा या पार्वती सी प्रेमिका, शिव सा देवत्व किसी और जमीन पर न हो सकेंगे। यह धरती अपने […]

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नारी …

सुनील दत्ता “उठ नारी , वह मृतक है जिसके पाशर्व में तू लेटी है |उठ और इस नवोदित को वर ,उठ और जीवितों के जगत में प्रवेश कर |” …………………………………………………………………………….. मैं नारी हूँ -भारतीय नारी |मेरी कहानी अभिशप्त की है |इस कहानी के प्रसार पर वेदना का विस्तार है ,रक्त का रंग उस पर चढा है […]

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GF से कहा- तुम हां कर दो तो दुनिया पलट दूंगा… और ये शख्स बन गया IPS

रानी राजेश महाराष्ट्र कैडर से IPS मनोज शर्मा की कहानी इस देश के हर युवा के लिए मिसाल है. बीते माह उनके ऊपर उनके ही साथी अनुराग पाठक ने एक किताब लिखी है. ‘12th फेल, हारा वही जो लड़ा नहीं’ शीर्षक से लिखी इस किताब में मनोज शर्मा की जिंदगी का हर वो संघर्ष दर्ज […]

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प्रवीण सिंह की ताजपोशी के बहाने कांग्रेस पर एक दृष्टि..

.@अरविंद सिंह प्रवीण सिंह को देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का आजमगढ़ का मुखिया बनाया गया है। यह समाचार मेरे जैसे अनेक लोगों को सुखद एहसास कराने जैसा है। घोर स्वार्थ, लौलूपता के दौर में भी एक जमीनी कार्यकर्ता को यह सम्मान निश्चित ही उस सोच को सम्मान है। जो एक देश और व्यवस्था […]

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विवेकी राय एक ऐसे रचनाकार थे

परिचय दास  [ पूर्व सचिव, हिंदी व मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली  ] विवेकी राय एक ऐसे रचनाकार थे, जिनमें अपने गाँव -जवार की गंध थी , दर्द था, समझ थी. जिस गति से उन्होंने खड़ी बोली हिंदी में रचा , उसी दुलार से भोजपुरी में भी सृजन किया. उनके मन में भोजपुरी व खड़ी बोली हिंदी में […]

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बिन बाप की बेटीयाँ

शिखा परी बिन बाप की है,कैसे रहती होगी? ऐसा कोई सोचता है क्या? बाप के बिन काम नहीं चल पाता वो ठहरी रहती है चुपचाप सी आपस में अठखेलियाँ खेलती हुई लड़कियाँ वो खामोश सी जा रही बगल से फादर्स डे पे बड़े बड़े तोहफ़े से लबरेज़ बाजार वो खड़ी देख रही,आँसू पोछते हुए अब […]

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सहर खोड़यारी की आत्महत्या के बाद झुका ईरान

-Ajay Srivastava सहर खोड़यारी ने मात्र 29 साल की उम्र में अपनी इहलीला समाप्त कर ली।वो एक आम लड़की की तरह फुटबॉल प्रेमी थी और वह स्टेडियम में जाकर मैच देखना चाहती थी, मगर ईरान की दकयानूसी कानून एक महिला को स्टेडियम में जाकर पुरूषों के मौजूदगी में फुटबॉल देखने की इजाजत नहीं देता।उसने के […]

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