जब रायसीना की पहाड़ियां गूंगी और बहरी होने लगें.जब पूर्वोत्तर की आवाज दिल्ली तक पहुँचने से पहले दम तोड़ने लगे.जब देश में अन्नदाता को मौत सस्ती और जिंदगी मंहगी लगने लगे.जब पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी,पहाड़ के लिए ही मुसिबत बनने लगे.जब मैदानों का आक्रोश नसों में उतरने लगे.जब सियासत, देश की जवानी को रोजगार की बजाय सियासी नारे थमाने लगे.सियासी भीड़ में देश के असल सवाल फीके पड़ने लगे. जब समाज बुजदिल और इंसानियत बेगैरत होने लगे.
तो केसर की क्यारी से समंदर की लहरों तो देश का आक्रोश अभिव्यक्त होना चाहिए.तो हमें आवाज उठानी चाहिए.हमें बेजुबानों की आवाज बन जानी चाहिए.और उसी बे-जुबान की जुबान हैं हम.हम हैं शार्प रिपोर्टर.हम हैं देश की आवाज़। देश के हर्ष और आक्रोश का उदगार’
हमसे जुड़ने के लिए हमे विजिट करें(www.thesharpreporter.com)हमारे यूट्यूब चैनल(@SHARPREPOTER) https://www.youtube.com/channel/UC-dL052PJoybtYkzsIa86-Q को सब्सक्राइब करें। शेयर करें। और अपनी समस्याओं और अभिव्यक्तियों को लिख भेजें। हमें वाट्सएप करें। 8318012069 हमें मेल करें-info@thesharpreporter.com

0Shares

2055total visits,15visits today

Hello
May I Help You?
Powered by
हिंदी »