सुभाष राय की पुस्तक ‘जाग मछन्दर जाग’ का लोकार्पण २९ सितम्बर को लखनऊ में

Debate Literature
सुभाष राय, वरिष्ठ पत्रकार/साहित्यकार

लखनऊ । ‘इस लाक्षागृह‌ को किसी न किसी दिन कोई लपट घेरेगी ही, बस चिंता है तो उन लोगों की, जो रास्ता भूल गये, जो पथ भटक गये, जिन्हें लालच ने जकड़ लिया और इस नाते अपनी सहज मानवीयता से वंचित हो गये।’…’चारों ओर बदलाव की आकांक्षाएँ हैं लेकिन किस दिशा में हो बदलाव, कौन नेतृत्व करे इन आकांक्षाओं का? एक बड़ा शून्य दिखता है। इसी का फायदा उठाकर सत्ताएं मनमानेपन पर आमादा हैं। भिड़ना होगा उनसे।’
ये टुकड़े हैं, अमन प्रकाशन, कानपुर से आयी वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि सुभाष राय की नयी पुस्तक ‘जाग मछन्दर जाग’ में संकलित लेखों के। इस पुस्तक का कैफी आजमी एकेडमी में २९ सितम्बर, दिन रविवार को शाम ४ बजे लोकार्पण होना है। इसमें श्री राय द्वारा जनसंदेश टाइम्स में लिखे गये चुनिंदा अग्रलेख शामिल हैं। अपने आरम्भिक दिनों में जनसंदेश टाइम्स प्रत्येक रविवार को एक समृद्ध साहित्यिक परिशिष्ट देता था।‌ आठ पृष्ठों के इस परिशिष्ट में एक विचार का पृष्ठ हुआ करता था, जिसमें हर रविवार श्री राय का एक अग्रलेख होता था।
‘जाग मछन्दर जाग’ के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे वरिष्ठ अलोचक वीरेंद्र यादव। विषय प्रवर्तन की जिम्मेदारी संभालेंगे वरिष्ठ पत्रकार एवं वायस आफ लखनऊ के संपादक रामेश्वर पांडेय। प्रख्यात कथाकार एवं तद्भव के संपादक अखिलेश, वरिष्ठ कवि एवं इग्नू में प्रोफेसर जितेंद्र श्रीवास्तव, कथाकार शीला रोहेकर, वरिष्ठ पत्रकार एवं झांसी विवि के पूर्व प्रोफेसर बंशीधर मिश्र, युवा कवि एवं आलोचक अनिल त्रिपाठी एवं प्रखर युवा आलोचक नलिनरंजन सिंह के व्याख्यान होंगे। कार्यक्रम का संचालन युवा कवि ज्ञानप्रकाश चौबे के हाथ में होगा।
सुभाष राय का जन्म जनवरी 1957 में उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ के गांव बड़ागांव में हुआ। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध साहित्य संस्थान के.एम.आई. से हिंदी भाषा और साहित्य में प्रथम श्रेणी में स्नातकोत्तर उीर्ण किया। उत्तर भारत के विख्यात संत कवि दादूदयाल के रचना संसार पर डाक्टरेट की। चार दशकों से पत्रकारिता से जुड़े हैं। अमृत प्रभात, आज और अमर उजाला जैसे अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम किया। सम्प्रति लखनऊ में जनसंदेश टाइम्स के प्रधान संपादक के रूप में कार्यरत। हिंदी क्षेत्र की लगभग सभी प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं जैसे पहल, वागर्थ, परिकथा, वर्तमान साहित्य, अभिनव कदम, अभिनव प्रसंगवश, धरती, लोकगंगा, मधुमती, रेवांत, युगतेवर, सृजन सरोकार, आजकल, वसुधा, शोध-दिशा, समन्वय आदि में रचनाएँ प्रकाशित। साहित्यिक पत्रिका समकालीन सरोकार का सम्पादन किया। शिल्पायन से एक सम्पादित पुस्तक क्यों लिखती हैं स्त्रियाँ प्रकाशित। बोधि प्रकाशन से एक काव्य संग्रह सलीब पर सच प्रकाशित हो चुका है। उन्हें नयी धारा रचना सम्मान से सम्मानित भी किया जा चुका है। अपने छात्र जीवन में आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी पर लगे प्रतिबंधों के खिलाफ जयप्रकाश नारायण के आह्वान पर आंदोलन करते हुए जेलयात्रा भी की है।

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