शपथ लेते ही फ्री सर्विस पर बोले केजरीवाल, ऑपरेशन के लिए पैसे लूं तो लानत है मेरी जिंदगी पर

Delhi News

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को रामलीला मैदान में भव्य समारोह में तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। केजरीवाल ने शपथ ग्रहण करने के बाद कहा कि यह उनकी जीत नहीं, बल्कि हर दिल्लीवासी की जीत है। इस मंच से केजरीवाल ने विपक्ष की मुफ्त योजनाओं वाले बयानों पर भी निशाना साधा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि केजरीवाल सबकुछ फ्री करता जा रहा है, दोस्तों इस दुनिया के अंदर जितनी भी अनमोल चीजें हैं, वह सब भगवान ने फ्री बनाई है। मां जब बच्चे को दूध पिलाती है, वह फ्री होता है। श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को तीर्थ कराया था, उनकी मौत हो गई। वह सेवा फ्री थी। मैं भी दिल्ली के लोगों से प्यार करता हूं, तो ऐसे में मैं कैसे दिल्ली के लोगों से दवाइयों, ऑपरेशन के लिए पैसे लेने शुरू कर दूं। अगर मैं ऐसा करता हूं तो लानत है मेरी जिंदगी पर।”

केजरीवाल के भाषण की 10 मुख्य बातें 

1- आपके बेटे ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। यह मेरी जीत नहीं है, यह आपलोगों की जीत है। यह दिल्ली की हर एक मां की जीत है। यह दिल्ली की हर एक बहन की जीत है। यह हर विद्यार्थी की जीत है। यह सभी दिल्लीवालों की जीत है।

2- पांच सालों में हमारी कोशिश रही है कि कैसे दिल्ली के एक-एक परिवार में खुशी ला सकूं। हमने कोशिश की है कि कैसे हम दिल्ली का विकास करें। सबलोग अपने अपने घरों में फोन कर बोल देना। हमारा बेटा फिर से मुख्यमंत्री बन गया। अब चिंता की बात नहीं है।”

3- कुछ लोगों ने भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों को वोट दिया, लेकिन आज से मैं सबका मुख्यमंत्री हूं। मैं आप, भाजपा, कांग्रेस और दूसरी पार्टियों का भी मुख्यमंत्री हूं। मैंने कभी किसी का यह कहकर काम नहीं रोका कि तुम भाजपा से हो या कांग्रेस के हो, तो मैं तुम्हारा काम नहीं करूंगा। मुझे पता था कि कई मोहल्ले भाजपा के हैं, फिर भी मैंने वहां सड़कें बनाई हैं।

4- मैं दिल्ली के दो करोड़ लोगों को कहना चाहता हूं कि आप चाहे किसी भी पार्टी के हों, सभी मेरे परिवार के हैं। हमें दिल्ली के लिए बहुत बड़े-बड़े काम करने हैं। चुनाव खत्म हो गए हैं, चुनाव में खूब राजनीति होती है। किसी ने कुछ कहा, तो किसी ने कुछ। हमारे विरोधियों ने हमें जो कुछ भी बोला, हमने उन्हें माफ कर दिया है। मैं विरोधियों से निवेदन करता हूं कि चुनाव में जो भी उठापटक हुआ, उसे भूल जाओ। आओ मिलकर काम करते हैं। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।

5- मैंने प्रधानमंत्री को भी न्यौता भेजा था। लेकिन वह शायद किसी कार्य में व्यस्त हैं, इसलिए नहीं आ पाए। मैं उनसे साथ काम करने का आग्रह करता हूं।

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