बजट 2020 से आस: हाईस्पीड ट्रेन, यात्री सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने पर होगा जोर

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संसद में एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट में इस बार हाई स्पीड ट्रेन चलाने, यात्रियों की सुरक्षा और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर जोर रहेगा। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, रेलगाड़ियों का समय पालन दुरुस्त करने, साफ-सफाई और सभी स्टेशनों पर इंटरनेट सेवा देने जैसी घोषणाएं भी की जा सकती हैं।अधिकारियों ने बताया कि सरकार रेलकर्मियों के लिए आकर्षक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का प्रस्ताव भी पेश कर सकती है। क्लास वन अफसरों के एक तिहाई पद कम करने की योजना है। इससे खर्चों में कटौती होगी और रेलवे को वित्तीय संकट से उबारा जा सकेगा। आम बजट में रेलवे को 75 हजार करोड़ की बजटीय सहायता मिल सकती है। पिछली बार 65 हजार करोड़ रुपये मिले थे।

प्रमुख मार्गों पर हाईस्पीड ट्रेन

बजट में हाई स्पीड आधुनिक ट्रेनों को जगह दी जाएगी। रेलवे की पहले चरण में 44 वंदे भारत एक्सप्रेस देश के प्रमुख रेलमार्गों पर चलाने की योजना है। इसके लिए बाहर से रेलगाड़ी खरीदी जा सकती है। 160-200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार वाली रेलगाड़ियों को निजी संचालक दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चंडीगढ़, मुंबई-लखनऊ और दिल्ली-पटना आदि मार्गों पर चलाएंगे। इन ट्रेनों में रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों से अधिक सुविधाएं होंगी।

यूरोपियन सिग्नल लाने की योजना

स्वर्णिम चतुर्भुज मार्गों पर मौजूद 2568 रेलवे क्रासिंग पर रेल ओवरब्रिज और रेल अंडरपास बनाने का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। इससे हाईस्पीड ट्रेन चलाने में बाधा नहीं आएगी। ऑटोमैटिक ट्रेन चलाने के लिए यूरोपियन सिग्नल सिस्टम (लेवल-2) के लिए पर्याप्त धन का प्रावधान किया जा सकता है। संवेदनशील स्टेशनों पर रेलवे के कमॉडो तैनात किए जा सकते हैं।

रेलगाड़ियों का समयपालन 75.67 फीसदी पर पहुंच गया है। रेल कोच फैक्टरियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इनका निगमीकरण करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है, जिससे उनकी क्षमता बढ़ाई जा सके। हालांकि, यह फैसला हितधारों की सलाह के बाद लिया जाएगा।  विनोद यादव, अध्यक्ष,  रेलवे बोर्ड 

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