प्रणीत श्रीवास्तव हनी का पोलिटिकल ‘मास्टर स्ट्रोक’ ?

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@अरविंद सिंह
आप इस सियासी परिघटना को कैसे देखते हैं, यह आप और आप की दृष्टि पर निर्भर करता है लेकिन मेरे जैसे लोग इसे राजनीतिक से ज्यादा कुटनीतिक और उससे भी अधिक सामयिक ज्यादा देखते कि- ‘नगर पालिका परिषद आजमगढ़ की चेयरमैन शीला श्रीवास्तव और पूर्व चेयरमैन स्व०गिरीशचंद्र श्रीवास्तव की संतान प्रणीत श्रीवास्तव हनी ने पिछले दिनों भाजपा की सदस्यता स्वयं प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष ग्रहण की।’ यह समाचार देखने और सुनने में आप के लिए कोई विशेष मायने भले न रखते हों लेकिन सियासी दिलचस्पी रखने वाले पंडितों और समीक्षकों के लिए यह एक सियासी पलटवार या यूँ कहें तो एक युवा नेता का समय और सुझबुझ के साथ कमबैक करते हुए ‘पोलिटिकल मास्टर स्ट्रोक’ है। जिससे एक साथ कई मोर्चे पर उनके आलोचक और सियासी प्रतिद्वंद्वी स्तब्ध हो गये। इस मास्टर स्ट्रोक से सत्ता सीन भाजपा के जिन लोगों द्वारा उनके विरूद्ध चालें चली जा रही थीं, उन्हें जवाब मिल गया कि यदि भाजपा में रखकर वे अब ऐसा करेंगे तो बातें बिगड़ सकती हैं। सियासी रूप से देखा जाए तो हनी के चुनावी प्रतिद्वंद्वी दीनू जायसवाल जिनकी माता जी इनके पूर्व आजमगढ़ नगर पालिका की चेयरमैन थीं और वे भाजपा में थी। लिहाजा सत्तासीन भाजपा का वरदहस्त उनके ऊपर था। अब वह हनी के साथ कनवर्ट हो सकता है। यही नहीं नगर पालिका परिषद के चुनाव में उपविजेता रहे भारद के हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव और भाजपा प्रत्याशी रहे अजय सिंह के लिए भी नये तरह के सियासी संदेश हैं कि हनी ने एक ही मास्टर स्ट्रोक से वर्तमान सियासत को साधने का प्रयास किया है।

यदि भाजपा, आगामी चुनाव में किसी प्रत्याशी को सियासी मैदान में उतारना चाहेगी तो वह हमेशा जिताऊ प्रत्याशी को ही प्राथमिकता देगी। और शीला श्रीवास्तव के पास अपना निर्दल वोटबैंक है। उन्होंने बीते चुनाव में जीत कर यह साबित कर दिया और अब हनी के नये सियासी ठौर भाजपा का वोटबैंक उनके मार्ग को प्रशस्त कर सकते हैं। जिस तरह से विपक्ष की राजनीति आवाज रहित होती जा रही है, उससे तो यह प्रतीत होता है कि भविष्य में विपक्ष बचेगा ही नहीं। बल्कि भाजपा ही भाजपा की विपक्ष की भूमिका निभायेगी।

दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण शीला श्रीवास्तव के वर्तमान कार्यकाल में जिस तरह से बांधाएं आ रही थीं। शासन से धनाभाव और अन्य सहुलियतों के टोटे पड़ते जा रहे थे। सबका जवाब उसने अपने मास्टर स्ट्रोक से दे दिया। अब अगर भाजपा के लोग उसका विरोध करते हैं तो माना जाएगा की भाजपा ही भाजपा का विरोध कर रही है। वैसे भी मोदी भाजपा में इन दिनों ऐसा जमजम का पानी तैयार किया गया कि किसी भी दल का कदाचारी,भ्रष्टाचारी या घोटाले बाज पहुंचे, वह भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते ही उसके ऊपर उस जमजम की कुछ बूंदे छिड़क देते हैं। परिणाम, वे साफ सुथरे और धवल चरित्र के नेता बन जाते हैं। यानि वे सर्टीफाइड ओनेस्ट लीडर का तमगा लेकर समाज में जाते हैं और समाज उन्हीं सिद्दत के साथ स्वीकार भी करता है। गजब का समय है! गजब का समाज और आश्चर्यजनक उनकी सियासी समझ।
और अन्त में सभी प्रकार के कष्टों और पापों के निवारण हेतु जोर से बोलो ‘जयश्रीराम’!! जयश्रीराम!!! बोलते रहिए….

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