निस्तारण के अभाव में शिकायतकर्ता पर हुआ जानलेवा हमला, कांवरियों ने बचायी जान…  

Crime News Uttar Pradesh

अमरजीत राय

गाजीपुर। प्रदेश की योगी सरकार अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाकर भयमुक्त समाज के परिकल्पना को लेकर नये नये दिशा निर्देश अपने मातहतों को दे रही है वही इनके मातहत मुख्यमंत्री के निर्देशों को दर किनार करते हुए फरियादियों के शिकायतों पर कोई कार्यवाही न करते हुए शिकायतों की फाइल दबाये रहते हैं जिससे प्रदेश में आये दिन अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जैसा कि कुछ दिनों पूर्व ही सोनभद्र का घोरावल नरसंहार काण्ड जैसी जघन्य घटना घटी। शिकायतकर्ता जनसूचना अधिकार एवं मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से फर्जीवाड़े का साक्ष्य एकत्र किया और इनके अधिकारियों के रिपोर्ट के आधार पर यह मामला प्रकाश में आया। जिलाधिकारी गाजीपुर के यहा काफी दिनों से फर्जीवाड़े का मामला लम्बित होने के चलते शहीद विश्वनाथ इण्टर कालेज, शहीद विश्वनाथ हरिजन प्राइमरी पाठशाला, शहीद विश्वनाथ निजी आईटीआई संस्थान के प्रबन्धक के फर्जीवाड़े की जांच हो चुकी है और इससे सम्बन्धित कार्यवाही जिलाधिकारी कार्यालय में एक वर्ष से लम्बित है। वही इस मामले में प्रशासन द्वारा बरती गयी लापरवाही का खामियाजा शिकायकर्ता के जान पर बन गयी। आज शिकायतकर्ता के पिता द्वारिकानाथ पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपने पुत्र पर हुए 4 अगस्त को हुए जानलेवा हमले की जांच कर भू माफिया व शिक्षा माफिया पर कार्यवाही की मांग की है। शिकायतकर्ता अरविन्द पाण्डेय शिक्षा माफिया के जांच के सम्बन्ध में दो दिन पूर्व ही उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से मिलकर इनके खिलाफ कार्यवाही के आश्वासन पर अपने फाइल को लेकर गाजीपुर आये और दो दिन बाद अपने रिश्तेदार के गांव अंसावर, मुहम्मदाबाद से गाजीपुर आते समय 4 अगस्त के शाम पौने आठ बजे विपक्षियों ने अकेले आ रहे मोटरसाइकिल सवार अरविन्द को रोक कर जानलेवा हमला कर दिये और गाड़ी की डिग्गी तोड़कर उपमुख्यमंत्री के कार्यवाही सम्बन्धित फाईल निकाल ले गये। रास्ते से गुजर रहे कांवरियों ने शोर मचाते हुए हमलावरों को दौड़ाया तब कही जाकर अरविन्द की जान बच पायी अन्यथा अरविन्द को मार ही डालते यह तो भोले बाबा का आर्शीवाद ही रहा की समय पर कांवरियों का झुण्ड उस समय आ पहुंचा शोर सुनकर मंदिर पर किर्तन करते हुए लोग एकत्र हुए और राहगीरों की मदद से मुर्छित पड़े अरविन्द के सिर व कान से खुन बहता हुआ देख तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाये। जहा डाक्टरों ने मरीज की गम्भीर हालत को देखते हुए ट्रामा सेण्टर बी.एच.यू. वाराणसी के लिए एम्बुलेन्श द्वारा रेफर कर दिया। जहा अरविन्द पाण्डेय अपने जिन्दगी और मौत से जुझ रहे हैं। इन हालातों को देखते हुए परिवारजन एंव विद्यालय समर्थक उक्त प्रकरण के संदर्भ से देख रहे हैं कि हो न हो ये घटना विद्यालय पक्ष के लोग ही इस घटना को अंजाम दिये है। क्योंकि अरविन्द पाण्डेय का किन्ही और से किसी भी प्रकार का मनमुटाव तक नहीं है। समय रहते जिला प्रशासन द्वारा उक्त प्रकरण पर कार्यवाही हुई होती तो इस तरह के जानलेवा घटना को रोका जा सकता था। इस सम्बन्ध में थानाध्यक्ष रेवतीपुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है जल्द ही कार्यवाही की जायेगी।

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