यथार्थ की खूँटी पर सपनों का आकाश

पुस्तक समीक्षा            समीक्षक : गुर्रमकोंडा नीरजा ज्ञानचंद मर्मज्ञ (1959) पिछले तीन दशक से अधिक समय से कर्नाटक में रहकर हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। कवि, पत्रकार और निबंधकार के रूप में उन्होंने वहाँ अच्छी ख़ासी ख्याति अर्जित की हैं। उनकी गद्य और पद्य […]

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प्रवीण प्रणव को युवा साहित्यकार सम्मान

हैदराबाद : युवा साहित्यकार प्रवीण प्रणव को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के शती-वर्ष समारोह में ‘साहित्य सम्मेलन शताब्दी (युवा)’ सम्मान से सम्मानित किया गया। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना पटना में भारत के प्रथम राष्ट्रपति देश रत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद की प्रेरणा और सहयोग से 1919 में हुई थी। संस्था ने अपने स्थापना से […]

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कादंबिनी क्लब, हैदराबाद की मासिक बैठक संपन्न

कादंबिनी क्लब, हैदराबाद की मासिक बैठक हर महीने तीसरे रविवार को होती ही है। आज भी हुई। पहले सत्र में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पर विस्तृत चर्चा के साथ ही उनकी रचनाओं का वाचन किया गया। संयोजन प्रवीण प्रणव ने अपने सम्मोहक स्टाइल में किया। अध्यक्षता प्रो ऋषभदेव शर्मा के जिम्मे आई! दूसरे सत्र में रवि […]

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