पद्मश्री दामोदर गणेश बापट नहीं रहे

-गिरीश पंकज कुष्ठ रोगियो की सेवा में जीवन होम करने वाले पद्मश्री दामोदर गणेश बापट नहीं रहे। यह समाचार व्यक्तिगत तौर पर पीड़ा से भर गया । मैं बापट जी को पिछले 45 साल से जानता था । बिलासपुर में रहकर जब युगधर्म अखबार के रिपोर्टर के रूप में मैंने अपना काम शुरू किया, तभी […]

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अगस्त क्रांति के वे नायक, जिन्हें भारतीय इतिहास में जगह नहीं मिली

आज 18 अगस्त है। 18 अगस्त हम सभी के लिए गर्व करने का दिन होता है। 18 अगस्त 1942 को हमारे गाँव के युवाओं ने मुहम्मदाबाद तहसील पर तिरंगा फहराया, जिसमें एक साथ एक समय एक जगह एक गाँव के 8 लोग शहीद हुए। यह स्वाधीनता की लड़ाई की अपनी तरह की इकलौती घटना है। अष्ट […]

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गाजीपुर के अष्ट शहिदों के शहादत को नमन

भारत छोड़ो आंदोलन में बलिदान का शीर्ष शिखर छूने वाले गाजीपुर के गौरव,अमर बलिदानी,अमर शहीद डॉक्टर शिवपूजन राय जो 18 अगस्त 1942 को मोहम्दाबाद तहसील पर तिरंगा लहराते हुए अपने सात अन्य साथियों के साथ शहीद हो गए,आप अष्ट अमर शहीदों की शहादत को मैं कविवर गोपाल सिंह नेपाली की पंक्तियों के माध्यम से नमन […]

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ऐसी दो सत्य कथाएं, जिनको पढ़ने के बाद शायद आप भी अपनी ज़िंदगी जीने का अंदाज़ बदलना चाहें…

–आशुतोष सिंह कौशिक की वाल से*पहली* दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद ऐक बार नेल्सन मांडेला अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ एक रेस्तरां में खाना खाने गए। सबने अपनी अपनी पसंद का खाना आर्डर किया और खाना आने का इंतजार करने लगे। उसी समय मांडेला की सीट के सामने वाली सीट पर एक व्यक्ति […]

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रामायण और डाoलोहिया

भारत का समाजवादी आंदोलन और लोहिया जी वस्तुतः एक दूसरे के पर्याय है ।१९६७ में सँविद सरकारें  उप्र विहार मप्र आदि में जो बनी थीं उसकी मूल प्रेरणा में डा० राम मनोहर लोहिया जी और भारतीय जनसंघ के पं दीन दयाल उपाध्याय जी थे। दोनों महानायकों का असामयिक और आकस्मिक निधन और हत्या वस्तुतः भारतीय […]

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शायद आज कल्पना भी नहीं कर सकते कि ऐसा नेता भारत मे हुआ

-अतुलमोहन दो घंटे युद्ध और चलता तो भारत की सेना ने लाहौर तक कब्जा कर लिया होता। लेकिन तभी पाकिस्तान को लगा कि जिस रफ्तार से भारत की सेना आगे बढ़ रही हमारा तो पूरा अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। तभी पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि वो किसी तरह से युद्ध रुकवा दे। अमेरिका […]

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नेहरु के निर्माण में कमला का उत्सर्ग

जन्मगांठ पर विशेष :- -के. विक्रम राव जब मोतीलाल नेहरू ने अपने छब्बीस-वर्षीय पुत्र जवाहरलाल नेहरू की शादी सोलह बरस की कमला कौल (7 फरवरी 1916) से की थी, तब उसकी तह में एक दैवी कारण था। भाई वंशीधर नेहरू, जो ज्योतिषी थे, की राय में पुरानी दिल्ली के सीताराम बाजार मे जन्मी इस कश्मीरी […]

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कल खेल में हम हो न होंगे…?

दानबहादुर सिंह ‘सूँड़ फैजाबादी’के जन्मदिन पर याद करते हुए… हरे-हरे नोटों में लगता प्यारा पेड़ खजूर का।बनिया तो बदनाम बेचारा किसे नहीं दरकार है।। हास्य का नाम लेते ही मेरे सामने प्रख्यात संचालक सूँड़ फैजाबादी का चेहरा सामने आ जाता था , मेरा सौभाग है कि मैंने उनके संचालनो में अनेक कवि सम्मेलनों में कविताओं […]

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घर मे कोई नहीं है मेरी बूढ़ी माँ बीमार है…

-कमलेश श्रीवास्तव कल बाज़ार में फल खरीदने गया,तो देखा कि एक फल की रेहड़ी की छत से एक छोटा सा बोर्ड लटक रहा था,उस पर मोटे अक्षरों से लिखा हुआ था… “घर मे कोई नहीं है, मेरी बूढ़ी माँ बीमार है, मुझे थोड़ी थोड़ी देर में उन्हें खाना, दवा और टॉयलट कराने के लिए घर […]

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इल्मा : एक लड़की की खेतिहर मजदूर से आईपीएस अफसर बनने तक की कहानी

-Shyam singh Rawat ”लड़की है, ज़्यादा पढ़-लिख कर क्या करेगी’ जैसे अनेक ताने सुनने के बावजूद मुरादाबाद के कुंदरकी कस्बे की एक गरीब परिवार की यतीम बेटी इल्मा अफरोज़ ने यूपीएससी परीक्षा ऑल इंडिया में 217वीं रैंक के साथ पास की है और अब आइपीएस ऑफिसर है। इल्मा के जीवन का सफ़र काफी संघर्ष भरा […]

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