आप दर्शकों और पाठकों ने मुझे अपने कोर में इन बूंदों की तरह थामा है।

-Ravish Kumar आपका लिखा हुआ मिटाया नहीं जा रहा है। सहेजा भी नहीं जा रहा है। दो दशक से मेरा हिस्सा आपके बीच जाने किस किस रूप में गया होगा, आज वो सारा कुछ इन संदेशों में लौट कर आ गया है। जैसे महीनों यात्रा के बाद कोई बड़ी सी नाव लौट किनारे लौट आई […]

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रिमझिम बरसै अषाढ़

                                    कजरी: रिमझिम बरसै अषाढ़नदी नारा गयें बाढ़,मोरा मन नाही लागे रे भवनवा मा।कइसे अउब्या पिया अबकी सवनवा मा।। मेघा छाये जोर जोरमोर करै लागें शोरचोर घूमि घूमि ताकऽ थें अँचरवा माकइसे अउब्या पिया अबकी सवनवा मा।। रात […]

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